राइज रिवायात का इ़ल्मी जाएज़ा ❷
क़यामत के दिन एक औ़रत की वजह से चार आदमियों के जहन्नम में जाने वाली रिवायत की तह़क़ीक़:
रिवायत: "क़यामत के दिन एक औरत के बारे में अल्लाह तआ़ला की तरफ से जहन्नम का फ़ैसला सुनाया जाएगा, तो वह औरत अल्लाह तआ़ला से दरख्वास्त करेगी कि ऐ अल्लाह मेरे बाप, भाई, मेरे बेटे और मेरे शौहर में से किसी ने मुझे दीन नहीं सिखाया, जिस की वजह से आज मुझे जहन्नम में डाला जा रहा है, अगर यह मुझे दीन सिखाते तो आज में जहन्नम ना जाती। तो इस शिकायत की वजह से अल्लाह तआ़ला उन चारों को भी जहन्नम में डाल देंगे।"
तह़क़ीक़: यह बात बिल्कुल सही है कि हर शख़्स (चाहे मर्द हो या औरत) क़यामत के दिन अपने हक़ का ज़रूर सवाल करेगा और किसी भी रिश्ते नाते को नहीं देखा जाएगा, लेकिन यह रिवायत कि एक औरत अपने साथ चार मर्दों को जहन्नम में ले कर जाएगी ऐसी रिवायत तलाश के बावजूद किसी हदीस की किताब में नहीं मिल सकी, इस लिए जब तक कोई मोतबर सुबूत ना मिले उस वक़्त तक इसे बयान करना दुरुस्त नहीं।
(ماخوذ: تنبیہات از مفتی عبد الباقی اخونزادہ تنبیہ نمبر 141،
فتوی دارالافتاء : جامعہ علوم اسلامیہ علامہ محمد یوسف بنوری ٹاؤن فتوی نمبر: 144106200833،
چند معروف لیکن غیر مستند احادیث، ص: 88،
غیر معتبر روایات کا فنی جائزہ 361/2 تا 363،
مروّجہ موضوع احادیث کا علمی جائزہ ص: 531 تا 536)


0 टिप्पणियाँ