✨❄ इस़लाहे़ अग़लात़: अ़वाम में राएज ग़लतियों की इसलाह़ ❄✨
सिलसिला 36:
🌻 *माहे सफ़र के इखतिताम (अंत) और माहे रबीउ़ल अव्वल के आग़ाज़ से मुतअ़ल्लिक़ दो मन्घड़त रिवायात*
1️⃣ *माहे सफ़र के इखतिताम से मुतअ़ल्लिक़ (सफ़र के महीने के ख़त्म होने के बारे में) एक ह़दीस का जाएज़ा*
अ़वाम में यह ह़दीस मशहूर है कि हुज़ूर अक़दस ﷺ ने इरशाद फ़रमाया कि:
من بشرني بخروج صفر بشرته بدخول الجنة.
▪ *तर्जुमा:*
"जिस शख़्स ने मुझे माहे सफ़र ख़त्म होने की खुशखबरी दी तो मैं उस को जन्नत की बशारत (खुशखबरी) दूंगा।"
☀️ *तब्सिरा:*
यह हदीस हरगिज़ नहीं बल्कि यह एक मंघड़त बात है, मुतअ़द्दिद (कई) मुह़द्दिसीने किराम ने इस को बे बुनियाद और मंघड़त क़रार दिया है, इस लिए इस को हदीस समझना या इस को आगे फैलाना हरगिज़ जाएज़ नहीं, बल्कि यह हुज़ूर सरवरे दो आ़लम ﷺ पर झूठ बांधने के जु़मरे में आता है जिस पर शदीद वई़द (सख़्त चुनौती) वारिद हुई है।
▫️ کَشف الخفاء ومُزِیل الاِلباس میں ہے:
2418- «من بشرني بخروج صفر بشرته بالجنة» قال القاري في «الموضوعات» تبعا للصغاني: لا أصل له.
▫️ موضوعاتِ صَغانی میں ہے:
100- ومنها قولهم: من بشرني بخروج صفر بشرته بدخول الجنة.
2️⃣ *माहे रबीउ़ल अव्वल के आग़ाज़ (शुरुआत) की खुशखबरी से मुतअ़ल्लिक़ एक ह़दीस का जाएज़ा*
अ़वाम में यह ह़दीस मशहूर है कि:
"जो शख़्स किसी दूसरे को माहे रबीउ़ल अव्वल की आमद (आने) की सब से पहले खुशखबरी देगा [या खुशखबरी देगा] तो उस के लिए जन्नत वाजिब हो जाती है।"
☀️ *तब्सिरा:*
यह हदीस हरगिज़ नहीं बल्कि यह एक मंघड़त बात है, इस लिए इस को हदीस समझना या इस को आगे फैलाना हरगिज़ जाएज़ नहीं, बल्कि यह हुज़ूर अक़दस ﷺ पर झूठ बांधने के जु़मरे में आता है जिस पर शदीद (सख़्त) वई़द वारिद हुई है।
ऐसी मंघड़त रिवायात फैलाने वाले खतीबों और वाइजों समेत तमाम मुसलमानों के लिए हुज़ूर अक़दस ﷺ की यह दो अहादीस काफ़ी हैं:
🌻 सही बुखारी में हदीस है कि:
110- حَدَّثَنَا مُوسَى قَالَ: حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ أَبِي حَصِينٍ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنِ النَّبِيِّ ﷺ قَالَ: «...وَمَنْ كَذَبَ عَلَيَّ مُتَعَمِّدًا فَلْيَتَبَوَّأْ مَقْعَدَهُ مِنَ النَّارِ».
▪ *तर्जुमा:*
हुज़ूर अक़दस ﷺ ने इरशाद फ़रमाया कि: *"जिस शख़्स ने मुझ पर जान बूझ कर झूठ बांधा तो वह अपना ठिकाना जहन्नम में बनाए।"*
🌻 सही मुस्लिम में है:
2 - عَنْ رِبْعِىِّ بْنِ حِرَاشٍ أَنَّهُ سَمِعَ عَلِيًّا رضى الله عنه يَخْطُبُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللهِ ﷺ: «لا تَكْذِبُوا عَلَىَّ فَإِنَّهُ مَنْ يَكْذِبْ عَلَىَّ يَلِجِ النَّارَ».
▪ *तर्जुमा:*
*हुज़ूर अक़दस ﷺ ने इरशाद फ़रमाया कि: "मुझ पर झूठ ना बोलो, चूनांचे जो मुझ पर झूठ बांधता है तो वह जहन्नम में दाखिल होगा।*
इन वई़दों के बाद कोई भी मुसलमान मंघड़त और बे बुनियाद रिवायात फैलाने की जसारत (और जुर्रत) नहीं कर सकता।
✍🏻: मुफ्ती मुबीनुर रह़मान साह़ब दामत बरकातुहुम
फाज़िल जामिआ़ दारुल उ़लूम कराची
हिंदी तर्जुमा व तसहील:
अल्तमश आ़लम क़ासमी
9084199927

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