इस उम्मत के उ़लमा बनी इसराईल के अंबिया की तरह हैं میری امت کے علماء بنی اسرائیل کے انبیاء کی طرح ہیں

 *मुरव्वजह रिवायात का ‌इ़ल्मी जाएज़ा❹*



इस उम्मत के उ़लमा बनी इसराईल के अंबिया की तरह हैं


*रिवायत: बाज़ मुक़र्रिरीन अपनी तक़रीर में उ़लमा-ए-किराम की फजी़लत में एक रिवायत बयान करते हैं कि:*

"मेरी उम्मत के उ़लमा बनी इसराईल के अंबिया की तरह हैं।"


*तह़क़ीक़:* इस हदीस को हाफ़िज़ इब्ने हजर, अ़ल्लामा सखावी, मुल्ला अ़ली क़ारी और अ़ल्लामा जलालुद्दीन सुयूती رحمہم اللہ जैसे मुह़द्दिसीन ने मोज़ू करार दिया है, इस लिए इसे बयान करना दुरुस्त नहीं।

*दारुल उलूम देवबंद के फतवे में एक सवाल के जवाब में इस रिवायत पर यूं तब्सिरा किया गया है:*

*"यह रिवायत बे असल है, किसी मोतबर किताब में यह रिवायत मौजूद नहीं है।"*

(माखूज़: वेब साइट दारुल इफ्ता दारुल उलूम देवबंद, फतवा नंबर: 164652)

हिंदी तर्जुमा व तरतीब: अल्तमश आ़लम क़ासमी


(نیز دیکھیے: چند معروف لیکن غیر مستند احادیث، ص: 92-93

عمدۃ الاقاویل فی تحقیق الاباطیل ص: 277

موضوع احادیث سے بچیے، ص: 222

 غیر معتبر روایات کا فنی جائزہ 218/1 تا 223

 مروّجہ موضوع احادیث کا علمی جائزہ ص: 224 تا 228

حکیم الامت کا منگھڑت روایات پر تعاقب ص: 101)

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