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(बच्चों के लिए दिलचस्प, हैरतअंगेज़ और सबक़ आमोज़ कहानी)
कहानी नंबर 01
अल्लाह देख रहा है
एक दफ़ा का ज़िक्र है एक गाँव में एक शख़्स रहता था। उसका नाम अब्दुर्रहमान था।
उसके तीन बेटे थे। तीनों अपने वालिद से बहुत मोहब्बत करते थे।
अब्दुर्रहमान भी अपने बेटों से बहुत मोहब्बत करता था।
एक मरतबा अब्दुर्रहमान ने अपने तीनों बेटों को बुलाया और उनको एक-एक सेब दिया और कहा कि इस सेब को ऐसी जगह जाकर खाओ जहाँ तुम्हें कोई न देख रहा हो।
जो ऐसा करने में कामयाब हो गया, मैं उसे इनाम दूँगा।
तीनों बेटे वालिद को अल्लाह हाफ़िज़ कहकर और उनसे दुआएँ लेकर घर से निकले।
दूसरे दिन अब्दुर्रहमान ने फिर बेटों को बुलाया और बारी-बारी सब से पूछा।
सबसे पहले बड़े बेटे अब्दुल्लाह से पूछा:
क्या तुम इसको ऐसी जगह खाने में कामयाब हो गए जहाँ तुम्हें कोई न देख रहा हो?
अब्दुल्लाह ने जवाब दिया:
“अल्हम्दुलिल्लाह अब्बा जान!
मैंने वह सेब एक दरख़्त के पीछे जाकर खाया, वहाँ मुझे कोई नहीं देख रहा था।”
फिर अब्दुर्रहमान ने अपने दूसरे बेटे से पूछा: “यूसुफ़! तुम बताओ तुमने क्या किया?”
यूसुफ़ ने कहा: “अब्बा जान! मैंने वह सेब कमरे में बंद होकर अंधेरा करके खाया और मुझे यक़ीन है कि वहाँ मुझे किसी ने नहीं देखा।”
अब्दुर्रहमान ने तीसरे बेटे से पूछा: “सलीम! तुमने क्या किया?”
सलीम ने कहा: “अब्बा जान! मैंने किताब अस्माए हुस्ना में पढ़ा है कि अल्लाह का एक नाम है ‘अल-बसीर’, यानी हर एक को हर हाल में देखने वाला। मैंने बहुत सोचा और तलाश किया लेकिन मुझे कोई ऐसी जगह न मिली जहाँ मेरा अल्लाह मुझे न देख रहा हो। अल्लाह तो हर जगह देखते हैं, इसलिए मैं यह सेब न खा सका।”
अब्दुर्रहमान अपने सबसे छोटे बेटे की अक़्लमंदी पर बहुत खुश हुआ और उसको इनाम दिया।
फिर अब्दुर्रहमान ने अपने बेटों से कहा:
मेरे प्यारे बेटो! बेशक अल्लाह हम सब को हर वक्त हर जगह देखता है, हमारी बातों को सुनता है और जो ख़यालात हमारे दिल में आते हैं उनको भी जानता है। वह ‘अलीमुन बि-ज़ातिस्सुदूर’ है, यानी दिलों के छिपे हुए राज़ों को भी जानता है।
अल्लाह की नाफ़रमानी से हर वक्त बचो और अल्लाह के सारे अहकामात पर अमल करो, जिस पर अल्लाह तुम से राज़ी हो जाएगा और तुम्हें दुनिया में राहत, सुकून और इत्मीनान अता करेगा, और मरने के बाद हमेशा-हमेशा के लिए जन्नत में दाख़िल करेगा, जहाँ इंसान जो चाहेगा वह हो जाएगा।
इंसान के दिल में जो चाहत होगी वह पूरी हो जाएगी। जन्नत में हम एक परिंदा देखेंगे, उसके खाने का जी चाहेगा तो फ़ौरन भुन कर प्लेट में आ जाएगा, फिर उसकी हड्डियों पर अल्लाह दोबारा गोश्त और पर उगा देंगे और वह उड़ जाएगा। वहाँ जन्नत में मज़े ही मज़े होंगे।
सबक़ आमोज़ तहरीरें
Hindi Post By Admin Deeni Rahnumayi
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